तो समझ जाओ जिंदगी बोहोत कुछ सीखा रही है…!
फिर भी बेइंतहा तुझे चाहने की बेबसी मेरी।
जैसे सदियों से तेरे ऊपर कोई बोझ थे हम…!!
और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनियां बुरी लग गई,
इस शहर में जीने के अंदाज़ भी क्या निराले हैं,
चेहरे से ही समझ आ जाता है… उदासी का कारण इश्क है या पैसा।
आँसू को बहुत समझाया कि तन्हाई में आया करो,
ख्वाबों की दुनिया में कभी सुकून न मिले।
कोई आया था… हमें समझने—but वो भी समझकर चला गया।
चार घर की दूरी है, और बीच में सारा जमाना है…!!!
कील कि तरह सीधे Sad Shayari in Hindi रहोगे तो ठोक दिये जाओगे।
कि अब किसी और पर भरोसा करना मुश्किल हुआ।
मुझे देख कर मेरे गम बोले बड़ी देर लगा दी आने में…!
जरूरत से ज्यादा अच्छे बनोगे, तो इस्तमाल किए जाओगे।